बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर एनडीए में सीट शेयरिंग की हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी और जेडीयू 100-100 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं, जबकि चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 15 से 20 सीटें मिल सकती हैं।
लोजपा (र) ने जिन सीटों पर दावेदारी जताई है, उनमें महनार, समस्तीपुर, खगड़िया, रघुनाथपुर, ओबरा, चेनारी, हसनपुर, विभूतिपुर, गायघाट, गोविंदगंज, महुआ, साहेबपुर कमाल, मीनापुर, लालगंज, बेलसंड, ब्रह्मपुर, जगदीशपुर, दिनारा, अलौली और जमालपुर शामिल हैं।
हालांकि, एनडीए में सीट शेयरिंग को लेकर मामला इतना आसान नहीं है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बीजेपी और जेडीयू अपनी पकड़ बरकरार रखते हुए न्यूनतम 100-100 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। 2020 के चुनाव में बीजेपी को 121 और जेडीयू को 122 सीटें मिली थीं। उस वक्त जेडीयू ने अपनी 7 सीटें हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) को दी थीं, जबकि बीजेपी ने 11 सीटें वीआईपी (विकासशील इंसान पार्टी) को दी थीं।
अब नए और पुराने सहयोगियों की मौजूदगी से समीकरण और भी उलझ गए हैं। जीतन राम मांझी की हम पार्टी ने 20 सीटों की मांग की है और मांझी ने यहां तक कह दिया है कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई, तो वे मंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं।
फिलहाल एनडीए में बीजेपी, जेडीयू, लोजपा (रामविलास), हम, आरएलएसपी और पशुपति पारस की आरएलजेपी शामिल हैं। चर्चा है कि मुकेश सहनी की वीआईपी भी दोबारा गठबंधन में शामिल हो सकती है।
25 मार्च को दिल्ली में एनडीए के बिहार से जुड़े सांसदों की बैठक होने वाली है, जिसमें सीट बंटवारे और चुनावी रणनीति पर अंतिम चर्चा हो सकती है। ऐसे में सबकी निगाहें इस बैठक पर टिकी हैं कि कौन कितनी सीट पर लड़ेगा और किन सीटों पर समझौता होगा।