पटना: बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता शक्ति यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सीधा निशाना साधते हुए उन्हें “थके हुए मुख्यमंत्री” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश सरकार अब रिटायर्ड अधिकारियों के भरोसे चल रही है और बिहार गहराते भ्रष्टाचार के दलदल में डूबता जा रहा है।
रिटायर्ड अफसरों के सहारे चल रही सरकार
शक्ति यादव ने दावा किया कि सरकार में ऐसे कई अधिकारी हैं जो रिटायर होने के बाद भी महत्वपूर्ण पदों पर जमे हुए हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भवन निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता तारिणी दास को पहले बिना कैबिनेट की मंजूरी के उत्तर बिहार का मुख्य अभियंता बनाया गया। बाद में उन्हें सेवा विस्तार मिला और फिर भवन निर्माण निगम का प्रभार भी सौंप दिया गया।
ईडी की रेड पर तीखी प्रतिक्रिया
गुरुवार को पटना में ईडी ने तारिणी दास और अन्य अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी की, जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए शक्ति यादव ने कहा,
“यह कोई सामान्य कार्रवाई नहीं है, यह सरकार के भीतर छिपे भ्रष्टाचार की परतें खोल रही है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश सरकार नियमों को ताक पर रखकर अपने पसंदीदा रिटायर्ड अधिकारियों को पदों पर बैठा रही है और यह खेल लगातार जारी है।
भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रहे हैं सत्ता के लोग
राजद प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के आरोपी अधिकारी सत्ता के उच्च स्तर से संरक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
“मुख्यमंत्री के करीबी मंत्री और नेता ऐसे अफसरों को ढाल बनाकर बैठे हैं, जिससे भ्रष्टाचार को खुली छूट मिल रही है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे ही कारणों से बिहार को लोग “भ्रष्टाचारियों का अड्डा” कहने लगे हैं।
जनता सब देख रही है
अंत में, शक्ति यादव ने कहा कि
“यह सरकार अब जनभावनाओं से दूर हो चुकी है। नीतीश कुमार को चाहिए कि वे रिटायर हो जाएं, क्योंकि बिहार थक चुका है, और अब बदलाव चाहता है।”
उन्होंने भरोसा जताया कि जनता इन सब चीजों को गंभीरता से देख रही है और आने वाले वक्त में अपना फैसला जरूर सुनाएगी।