शनिवार और रविवार की रात NDMC ने सरोजिनी नगर मार्केट में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया, जिसमें करीब 150 दुकानों के साइनबोर्ड, शेड और पक्के ढांचे तोड़ दिए गए। दुकानदारों का आरोप है कि यह कार्रवाई बिना किसी नोटिस के की गई।
व्यापारियों का विरोध:
ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक रंधावा ने बताया कि रात 11 बजे NDMC की टीम बुलडोजर के साथ आई और 11:30 से 1 बजे तक दुकानों के बाहरी हिस्से गिरा दिए गए। अगर समय पर हमने रोका नहीं होता, तो नुकसान और ज्यादा होता।
NDMC का बयान:
NDMC ने कहा, हम बाजारों और सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण से मुक्त करने का काम कर रहे हैं ताकि लोगों की पहुंच आसान हो सके।
एकतरफा कार्रवाई का आरोप:
एसोसिएशन के महासचिव अशोक कालरा ने कहा कि दिल्ली की ज्यादातर मार्केट्स में शेड लगे होते हैं, यहां तक कि NDMC के ऑफिसों में भी। दो दिन पहले मीटिंग हुई थी, लेकिन कोई चेतावनी नहीं दी गई।
मार्केट का ढांचा:
- मुख्य मार्केट: 200 दुकानें
- बाबू मार्केट: 120 दुकानें
- मिनी मार्केट: 32 दुकानें
- ठरेजा वेंडर ज़ोन: 104 दुकानें
पुरानी दिक्कतें:
यह मार्केट पहले भी अतिक्रमण और फायर सेफ्टी को लेकर विवादों में रही है। दुकानों की छतों पर अवैध भंडारण के कमरे बने हैं। दिल्ली पुलिस पहले भी यहां खतरे की चेतावनी दे चुकी है। व्यापारी कहते हैं कि गोदाम वैध कराने की प्रक्रिया जारी है, लेकिन उन्हें टारगेट किया जा रहा है।