AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर पाकिस्तान को निशाने पर लिया है। इस बार मुद्दा है एक फर्जी फोटो को लेकर, जिसे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ और आर्मी चीफ असीम मुनीर ने ऑपरेशन बुनियान उल मर्सूस की जीत बताकर साझा किया। लेकिन हकीकत ये है कि वह तस्वीर 2019 की एक चीनी मिलिट्री ड्रिल की थी।
ओवैसी ने इसे लेकर पाकिस्तान की बुरी तरह खिंचाई की और कहा, “नकल करने के लिए भी अक़्ल चाहिए, और इनके पास तो वह भी नहीं है।”
कुवैत में भारतीय प्रवासियों से बोले ओवैसी
असदुद्दीन ओवैसी कुवैत में भारतीय समुदाय को संबोधित कर रहे थे, वहीं उन्होंने पाकिस्तान के झूठे दावों की पोल खोल दी। उन्होंने कहा, “पाकिस्तानी आर्मी चीफ ने प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ को एक तस्वीर दी, जिसमें दिखाया गया कि उन्होंने भारत पर कोई बड़ी जीत हासिल की है। लेकिन असल में वह तस्वीर चीन की थी, वो भी 2019 की एक मिलिट्री आर्टिलरी ड्रिल की।”
ओवैसी ने कहा, “ये जोकर समझते हैं कि भारत से मुकाबला कर लेंगे? नक़ल के लिए भी अक़्ल चाहिए, और इनके पास वो भी नहीं है। पाकिस्तान जो भी कहता है, उसे एक चुटकी नमक के साथ भी मत लो।”
ऑपरेशन बुनियान उल मर्सूस की सच्चाई
सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हुई जिसमें शहबाज़ शरीफ और जनरल असीम मुनीर एक फोटो पकड़े नजर आ रहे हैं, जिसमें कथित तौर पर ऑपरेशन बुनियान की कामयाबी को दर्शाया गया। लेकिन बाद में सामने आया कि वह फोटो चीन की एक रॉकेट आर्टिलरी ड्रिल की है, जो 2019 में हुई थी।
यह देखकर लोग सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की जमकर आलोचना कर रहे हैं और मजाक भी उड़ा रहे हैं।
भारत का जवाब:ऑपरेशन सिंदूर
इस सबके बीच भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ एक मजबूत कार्रवाई की है। हाल ही में भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद नौ आतंकी ठिकानों को टारगेट किया गया
यह ऑपरेशन, 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में किया गया था, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। भारत ने स्पष्ट किया है कि आतंक के खिलाफ अब किसी भी स्तर पर जवाब दिया जाएगा।
पाकिस्तान की फजीहत और भारत की मजबूती
पाकिस्तान अपनी नाकामियों को छिपाने और देश में जनता का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की झूठी कहानियाँ बना रहा है। फर्जी तस्वीरों और बयानों से न तो पाकिस्तान की साख बचेगी, न ही भारत पर उसका कोई असर पड़ेगा।
ओवैसी ने साफ कहा कि पाकिस्तान की इन बातों को कोई गंभीरता से न ले। “ये सिर्फ झूठ फैलाते हैं, इनकी बातों का कोई भरोसा नहीं किया जा सकता।”