बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियां तेज़ हो गई हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बक्सर में एक जनसभा को संबोधित किया हैं, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोला और कहा कि इनकी जोड़ी जनता के हित के लिए नहीं, बल्कि केवल सत्ता की कुर्सी के लिए बनी है।
खरगे ने आरोप लगाया कि मोदी और नीतीश बिहार और देश की भलाई के लिए साथ नहीं आए, बल्कि उनका उद्देश्य दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों और किसानों को कमजोर करना है। उन्होंने जनसभा में यह भी कहा कि यह गठबंधन लोकतंत्र के लिए नहीं, बल्कि सत्ता की भूख का गठजोड़ है।
अपने संबोधन में खरगे ने नेशनल हेराल्ड केस का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पंडित नेहरू ने नेशनल हेराल्ड, नवजीवन और कौमी आवाज जैसे अखबार देश की आजादी की लड़ाई के दौरान शुरू किए थे। इनका उद्देश्य देश को आज़ाद कराना, जनता को जागरूक करना और अंग्रेजी हुकूमत तक उनकी आवाज़ पहुंचाना था। आज मोदी और शाह उसी केस का इस्तेमाल करके कांग्रेस को डराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हम न झुकेंगे और न ही डरेंगे।
उन्होंने खुद को भाग्यशाली बताया कि उन्हें गंगा किनारे बसे बक्सर आने का अवसर मिला, जो संविधान सभा के प्रोटेम अध्यक्ष सच्चिदानंद सिन्हा की भूमि रही है। खरगे ने कहा कि बिहार की धरती वह जगह है जहां महात्मा बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त किया, गुरु गोविंद सिंह का जन्म हुआ और चंपारण में महात्मा गांधी ने सत्याग्रह की शुरुआत की।
खरगे ने कहा कि आज हम ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ रैली लेकर इस ऐतिहासिक धरती पर आए हैं। यह न सिर्फ हमारे लिए गर्व की बात है, बल्कि यह संदेश देने का भी समय है कि देश का संविधान और लोकतंत्र कमजोर नहीं पड़ने देंगे।