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ओडिशा सरकार का नया कदम: आदिवासी और दलित ज़मीन की होगी सरकारी खरीद, निजी कब्ज़ों पर रोक लगेगी

ओडिशा सरकार अनुसूचित क्षेत्रों में दलित-आदिवासी ज़मीन की हड़प से बचाव के लिए नई नीति ला रही है, जिसके तहत ज़रूरतमंदों से सरकार खुद ज़मीन खरीदेगी।

ओडिशा सरकार ने अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी और दलितों की ज़मीनों को बाहरी और ताकतवर लोगों द्वारा हड़पने से रोकने के लिए बड़ा फैसला लेने की तैयारी कर ली है। सरकार अब ऐसी ज़मीन को खुद खरीदने की योजना बना रही है, जिसे SC/ST समुदाय के लोग मजबूरी में बेचना चाहते हैं।

राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि इसके लिए एक खास समिति बनाई गई है, जिसकी अगुवाई राज्य के राजस्व सचिव करेंगे। इसमें सरकारी अफसरों, कानून के जानकारों और समाज के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है।

इस प्लान का मकसद क्या है?

ओडिशा लैंड रिफॉर्म्स एक्ट (OLR) के मुताबिक, SC/ST लोग बिना उप-जिलाधिकारी की इजाज़त के अपनी ज़मीन गैर-आदिवासी या गैर-SC को नहीं बेच सकते। कुछ जरूरी हालात, जैसे बेटी की शादी, बीमारी या बच्चों की पढ़ाई, में ये इजाज़त मिलती है।

लेकिन मंत्री के मुताबिक, इस कानून का गलत फायदा उठाया जा रहा है। ज़्यादातर मामलों में दबाव, डर या लालच देकर ज़मीन खरीदी जा रही है। जो 80–90% आवेदन आ रहे हैं, वो असली ज़रूरत की वजह से नहीं, बल्कि जबरदस्ती करवाए गए लगते हैं।”

सरकार क्या करने जा रही है?

सरकार एक खास फंड बनाएगी ताकि जो लोग मजबूरी में ज़मीन बेचना चाहें, वे उसे निजी लोगों को न बेचें, बल्कि सीधे सरकार को बेच सकें।

मंत्री ने कहा, सरकार ये ज़मीन कुछ वक्त तक अपने पास रखेगी। अगर बाद में ज़मीन बेचने वाला व्यक्ति अपना हालात सुधार ले, तो वो मूल रकम वापस करके अपनी ज़मीन दोबारा ले सकता है।

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अभी क्या चल रहा है?

इस योजना का ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है और इसमें कानूनी, प्रशासनिक और पैसों से जुड़ी सभी बातों की जांच की जा रही है।

सरकार आदिवासी संगठनों, दलित समुदाय और राजनीतिक पार्टियों से बातचीत भी करेगी। कानून विभाग से इस योजना की वैधता और ज़रूरी बदलावों पर सलाह ली जा रही है।

राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने कहा, हम दूसरे राज्यों में क्या हो रहा है, वो भी देख रहे हैं ताकि यह योजना जमीन पर भी काम करे और लोगों को इंसाफ मिले।

बीते फैसले पर लोगों का विरोध

2023 में बीजू जनता दल सरकार ने एक ऐसा बदलाव लाने की कोशिश की थी जिसमें कुछ खास हालात में आदिवासी लोग अपनी ज़मीन गैर-आदिवासियों को बेच सकते थे। लेकिन जबरदस्त विरोध के बाद उस फैसले को रोकना पड़ा।

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शिवम कुमार एक समर्पित और अनुभवी समाचार लेखक हैं, जो वर्तमान में OBCAWAAZ.COM के लिए कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में गहरी रुचि रखने वाले शिवम निष्पक्ष, तथ्यात्मक और शोध-आधारित समाचार प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। उनका प्रमुख फोकस सामाजिक मुद्दों, राजनीति, शिक्षा, और जनहित से जुड़ी खबरों पर रहता है। अपने विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण और सटीक लेखन शैली के माध्यम से वे पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली समाचार पहुँचाने का कार्य करते हैं। शिवम कुमार का उद्देश्य निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता के जरिए समाज में जागरूकता फैलाना और लोगों को सटीक जानकारी प्रदान करना है।

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