दरभंगा में राहुल गांधी को दलित, ओबीसी और ईबीसी छात्रों से मिलने से रोके जाने की घटना ने बिहार की सियासत में हलचल मचा दी है। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बच्चू प्रसाद वीरू ने इसे लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के खिलाफ करार देते हुए राज्य सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा,
तीन दिन पहले से तय कार्यक्रम को आखिरी पल में रद्द करना दिखाता है कि सरकार राहुल गांधी से डरती है।
पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. कामेश्वर प्रसाद सिंह ने इसे दलित समाज के लिए संघर्ष की शुरुआत बताया और कहा कि यह सिर्फ एक बैठक नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय के आंदोलन का हिस्सा है।
INDIA गठबंधन की बैठक: चुनावी तैयारी तेज
इसी बीच छपरा के राजद कार्यालय, रौजा में रविवार को INDIA गठबंधन की बैठक हुई। बैठक में सभी घटक दलों के प्रतिनिधि और कार्यकर्ता शामिल हुए और राज्य सरकार को सत्ता से हटाने का संकल्प लिया गया।
बैठक में फैसला हुआ कि जून में जिले के सभी 20 प्रखंडों और पंचायतों में समन्वय समितियां बनाई जाएंगी।
गठित 13 सदस्यीय समन्वय समिति:
- राजद: सुनील राय (अध्यक्ष), शिवकुमार मांझी
- कांग्रेस: बच्चू प्रसाद वीरू, प्रो. कामेश्वर प्रसाद सिंह
- सीपीआई: सुरेन्द्र सौरभ, रामबाबू सिंह
- सीपीएम: बटेश्वर कुशवाहा, शिवशंकर यादव
- माले: सभा राय, विजयेंद्र मिश्रा
- वीआईपी: हरेंद्र सहनी, राजेश बिंद
इस बैठक की अध्यक्षता राजद जिलाध्यक्ष सुनील राय ने की, जबकि मंच संचालन सीपीआई नेता सुरेंद्र सौरभ ने किया। बैठक में सभी दलों के सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए और एकजुटता का स्पष्ट संदेश दिया।
यह पूरा घटनाक्रम आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरणों में संभावित बड़े बदलावों की ओर इशारा करता है।