रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज शुक्रवार को गुजरात के भुज एयरफोर्स स्टेशन का दौरा करेंगे। इससे पहले गुरुवार को वो श्रीनगर के बडामी बाग छावनी पहुंचे, जहां उन्होंने भारतीय सेना के जवानों से मुलाकात की और उनका हौसला बढ़ाया।
श्रीनगर में जवानों को संबोधित करते हुए उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त नीति पर ज़ोर दिया। उन्होंने साफ कहा कि पाकिस्तान बार-बार परमाणु हमले की धमकियां देता रहा है, लेकिन भारत इनसे डरने वाला नहीं है। उनके शब्दों में, भारत न तो डरता है और न ही किसी दबाव में आता है।
ये बातचीत ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना के साथ उनकी पहली सीधी बातचीत थी। उन्होंने कहा:
ऑपरेशन सिंदूर के जरिए हमने पाकिस्तान में छिपे आतंकियों और उनके आकाओं को साफ संदेश दिया है कि अब वो कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। हमारी सेनाओं ने दुनिया को दिखा दिया कि हमारा निशाना सटीक है और अब दुश्मन को अपने नुक़सान खुद गिनने होंगे।
राजनाथ सिंह ने आगे कहा:
मैं पूरी दुनिया से पूछता हूं, क्या परमाणु हथियार ऐसे गैर-जिम्मेदार और आतंक समर्थक देश के पास सुरक्षित रह सकते हैं? पाकिस्तान के परमाणु हथियार अब IAEA की निगरानी में आने चाहिए।
उन्होंने सीमा पार पाकिस्तानी पोस्ट और बंकर तबाह करने वाले जवानों को सलाम किया और कहा:
मैं भारत की जनता का संदेश लेकर आया हूं, हम अपनी सेना पर गर्व करते हैं।
उन्होंने यह भी दोहराया कि अगर सीमा पार से कोई भी उकसावे वाली हरकत होती है, तो भारत चुप नहीं बैठेगा। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बात को दोहराते हुए कहा:
आतंकवाद और बातचीत साथ नहीं चल सकते। अगर कोई बातचीत होगी, तो वो सिर्फ आतंकवाद और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) को लेकर होगी।
राजनाथ सिंह ने पहलगाम हमले में मारे गए निर्दोष लोगों और ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी। साथ ही घायल सैनिकों के हौसले की तारीफ करते हुए उनके जल्द ठीक होने की कामना भी की।
इस मौके पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, पूर्व मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला, थलसेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी और भारतीय सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।