रिलायंस फाउंडेशन (Reliance Foundation) एक भारतीय गैर-लाभकारी संगठन है, जिसकी स्थापना वर्ष 2010 में मुकेश अंबानी ने की थी। भारत की सबसे बड़ी ताकत इसका युवा वर्ग है। आज देश की आधी से ज्यादा आबादी यानी करीब 60 करोड़ लोग 25 वर्ष से कम उम्र के हैं। युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और उनकी उच्च शिक्षा तक पहुंच को और मजबूत बनाने के लिए रिलायंस फाउंडेशन हर साल अंडरग्रेजुएट स्कॉलरशिप (Undergraduate Scholarship) प्रदान करता है। इस पहल का मकसद सिर्फ आर्थिक सहायता देना ही नहीं है, बल्कि युवाओं को आगे बढ़ने, अपने सपनों को साकार करने और देश की प्रगति में योगदान करने का अवसर देना भी है।
इस स्कॉलरशिप के तहत 5,000 मेधावी छात्रों को “मेरिट-कम-मीन्स” आधार पर आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक दबाव के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। इसका उद्देश्य सिर्फ आर्थिक मदद देना ही नहीं है, बल्कि युवाओं को सक्षम बनाना है ताकि वे अपने सपने साकार कर सकें, समाज में योगदान दे सकें और देश की प्रगति में भागीदार बनें।
कौन आवेदन कर सकता है?
रिलायंस फाउंडेशन अंडरग्रेजुएट स्कॉलरशिप (Reliance Foundation Undergraduate Scholarships) 2025-26 के लिए आवेदन करने वाले छात्रों को ये Eligibility Criteria पूरी करनी होंगी:
- पारिवारिक वार्षिक आय 15 लाख रुपये से कम हो (2.5 लाख रुपये से कम आय वालों को प्राथमिकता दी जाएगी)।
- 2025-26 शैक्षणिक सत्र में प्रथम वर्ष के रेगुलर फुल-टाइम अंडरग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन लिया हो।
- कक्षा 12वीं में न्यूनतम 60% अंक।
- भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है।
स्कॉलरशिप से क्या मिलेगा?
चयनित छात्रों को उनकी पूरी डिग्री की अवधि में 2 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही उन्हें रिलायंस फाउंडेशन एलुमनी नेटवर्क का हिस्सा बनने का मौका मिलेगा, जहां उन्हें करियर गाइडेंस, सपोर्ट सिस्टम और नेटवर्किंग का लाभ मिलेगा।
आवेदन और चयन प्रक्रिया
- ऑनलाइन आवेदन: फॉर्म भरें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
- एप्टीट्यूड टेस्ट: 60 मिनट का ऑनलाइन टेस्ट (60 प्रश्न – वर्बल, लॉजिकल, एनालिटिकल और न्यूमेरिकल एबिलिटी)।
- प्रारंभिक चयन: टेस्ट स्कोर और दी गई जानकारियों के आधार पर।
- अंतिम चयन: “मेरिट-कम-मीन्स” आधार पर 5,000 छात्रों का चयन होगा।
आवेदन की अंतिम तारीख: 4 अक्टूबर 2025
कौन आवेदन नहीं कर सकता?
- जो छात्र पहले से द्वितीय वर्ष या उससे ऊपर पढ़ रहे हैं।
- डिस्टेंस, ऑनलाइन या नॉन-रेगुलर मोड से पढ़ाई करने वाले।
- 10वीं के बाद डिप्लोमा धारक या 2/6 वर्षीय डिग्री कोर्स करने वाले।
- जो छात्र एप्टीट्यूड टेस्ट नहीं देते या गलत जानकारी प्रस्तुत करते हैं।
स्कॉलरशिप क्यों खास है?
यह स्कॉलरशिप सिर्फ पढ़ाई का खर्च उठाने में मदद नहीं करती, बल्कि छात्रों में लीडरशिप, ईमानदारी, ग्रोथ माइंडसेट, समाज सेवा और साहस जैसे मूल्यों को भी बढ़ावा देती है।
कई छात्रों की सफलता की कहानियां यह साबित करती हैं कि यह स्कॉलरशिप उनके करियर, शिक्षा और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाती है।
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