टैरिफ पॉलिसी से एलन मस्क को झटका लगना इस बात का प्रतीक है कि एक आर्थिक नीति कितनी दूरगामी और व्यक्तिगत स्तर तक असर डाल सकती है। अमेरिका की इस नई टैरिफ नीति ने न केवल वैश्विक कंपनियों को प्रभावित किया है, बल्कि अब यह प्रभाव दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति माने जाने वाले एलन मस्क पर भी पड़ा है। बीते कुछ हफ्तों में टेस्ला के शेयरों में लगातार गिरावट देखी गई है, और इसके पीछे मुख्य कारणों में से एक यह टैरिफ पॉलिसी ही रही है। ट्रंप की वापसी के बाद जो नीतिगत बदलाव हुए हैं, उनमें टैरिफ को लेकर लिया गया सख्त रुख एलन मस्क जैसे टेक उद्यमियों के लिए बेहद महंगा साबित हो रहा है।
ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स के अनुसार, सिर्फ सोमवार को एलन मस्क की संपत्ति में 440 करोड़ डॉलर की गिरावट आई। इससे उनकी कुल संपत्ति घटकर 29.8 हजार करोड़ डॉलर रह गई है, जो नवंबर 2024 के बाद पहली बार इतनी नीचे गई है। इससे पहले गुरुवार और शुक्रवार को भी उन्हें कुल 3100 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ था। साल 2025 की शुरुआत से अब तक मस्क करीब 13.5 हजार करोड़ डॉलर गंवा चुके हैं। टेस्ला के शेयर, जो पिछले साल दिसंबर में रिकॉर्ड ऊंचाई पर थे, वहां से अब तक 50% से अधिक गिर चुके हैं।
इस गिरावट के बाद मस्क ने डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात कर टैरिफ पॉलिसी पर पुनर्विचार करने की गुहार लगाई है। उन्होंने न सिर्फ व्यक्तिगत रूप से ट्रंप से आग्रह किया है, बल्कि सार्वजनिक रूप से भी इस नीति की आलोचना की है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर उन्होंने टैरिफ को अमेरिकी नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए नुकसानदेह बताया। मस्क का मानना है कि अगर अमेरिका और यूरोप के बीच शून्य टैरिफ समझौता हो जाए, तो इससे न सिर्फ दोनों अर्थव्यवस्थाओं को लाभ होगा, बल्कि एक मजबूत मुक्त व्यापार क्षेत्र का निर्माण भी हो सकेगा।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यदि अमेरिका और यूरोप के नागरिकों को एक-दूसरे के देशों में स्वतंत्र रूप से काम करने की अनुमति दी जाए, तो यह कदम वैश्विक विकास में क्रांतिकारी साबित हो सकता है। किंबेल मस्क, जो एलन मस्क के भाई और टेस्ला के बोर्ड सदस्य हैं, उन्होंने भी इस नीति की आलोचना करते हुए इसे “स्थायी उपभोक्ता टैक्स” कहा है। उन्होंने कहा कि टैरिफ से अमेरिका में नौकरियां तो लौट सकती हैं, लेकिन उत्पादों की कीमतें कम नहीं होंगी और उपभोक्ताओं को अधिक टैक्स चुकाना पड़ेगा।
टैरिफ पॉलिसी से एलन मस्क को झटका लगना यह दर्शाता है कि कोई भी नीति कितनी व्यक्तिगत हो सकती है — चाहे वह दुनिया का सबसे अमीर व्यक्ति ही क्यों न हो। मस्क की यह अपील यह भी बताती है कि मुक्त व्यापार और वैश्विक साझेदारी अब सिर्फ आर्थिक जरूरत नहीं, बल्कि रणनीतिक विवेक की मांग बन चुकी है। अब देखना यह है कि क्या ट्रंप मस्क जैसे पुराने सहयोगी की बात सुनते हैं, या फिर टैरिफ की यह नीति और गहराई तक असर डालती है।