अमेरिका ने चीन पर किया बड़ा वार, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से आयात होने वाले सामानों पर टैरिफ को 84% से बढ़ाकर 125% कर दिया है। ट्रंप ने यह फैसला चीन के उस बयान के बदले में लिया जिसमें उसने कहा था कि वह “आखिरी वक्त तक मुकाबले के लिए तैयार” है।
ट्रंप ने चीन पर अनादर का लगाया आरोप
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए हुए चीन का वैश्विक बाज़ारों का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चीन ने अमेरिकी व्यापारिक शर्तों और अंतरराष्ट्रीय नियमों का लंबे समय से उल्लंघन किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेताया कि यदि चीन पीछे नहीं हटा, तो अमेरिका टैरिफ को और बढ़ाएगा।
NEW TRUTH SOCIAL FROM PRESIDENT TRUMP:
— The White House (@WhiteHouse) April 9, 2025
🇨🇳125% TARIFF ON CHINA
🌎90-DAY PAUSE & LOWERED 10% RECIPROCAL TARIFF FOR OTHER COUNTRIES
🚨EFFECTIVE IMMEDIATELY pic.twitter.com/Gt5Bd6276m
टैरिफ में 75 देशों को 90 दिनों की छूट
ट्रंप ने उन देशों की प्रशंसा की जिन्होंने अमेरिका की टैरिफ नीति का समर्थन किया और जवाबी कार्रवाई करने के बजाय बातचीत को महत्व दी। उन्होंने कहा,
“75 से अधिक देशों ने जवाबी कार्रवाई करने की बजाय अमेरिका के साथ बातचीत का रास्ता चुना और सकारात्मक रवैया दिखाया, इसलिए हमने उन्हें 90 दिनों की टैरिफ छूट दी है।”
अमेरिका फिलहाल इन देशों के साथ व्यापारिक सहयोग को मजबूत करना चाहता है, जिसमें कोई नयी शर्तें नहीं शामिल हैं, जबकि चीन पर दबाव बनाए रखना चाहता है।
अमेरिका ने दिखाई नई रणनीति की झलक
अमेरिका अब चीन के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए बाकी दुनिया से दोस्ती और सहयोग बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस फैसले के बाद वैश्विक बाज़ारों में हलचल देखी गई, लेकिन निवेशकों ने इसको अमेरिका की मजबूती के संकेत के रूप में लिया।
किंतु अब तक ट्रंप प्रशासन ने वैसे तो उन देशों की पूरी सूची नहीं साझा की है जिन्हें यह 90 दिनों का छूट मिला है, किंतु यह तो स्पष्ट हो गया है कि अमेरिका अब व्यापार के मामले में अधिक स्पष्ट, समद्धिमक और राष्ट्रहित में फैसले ले रहा है।